नया बिजली कनेक्शन आसान लेकिन दादा-पिता के कनेक्शन का नामांतरण बना आमजन के लिए सबसे बड़ी परेशान का सबब, पूर्व पार्षद राजेश वर्मा ने अधिशाषी अभियंता को सोपा ज्ञापन


चौमूं । क्षेत्र में विद्युत विभाग की वर्तमान नामांतरण प्रक्रिया आम नागरिकों के लिए गंभीर समस्या बन चुकी है। स्थिति यह है कि नया बिजली कनेक्शन कम दस्तावेज़ और कम शुल्क में आसानी से मिल जाता है, लेकिन वर्षों से चल रहे पुराने कनेक्शन को उत्तराधिकारियों के नाम करवाना अत्यंत जटिल,  खर्चीला और अव्यवहारिक हो गया है।

क्षेत्र में हजारों ऐसे बिजली कनेक्शन हैं, जिनके मूल उपभोक्ता या उनकी धर्मपत्नी (दादा/माता-पिता) का निधन वर्षों पहले हो चुका है। इसके बाद उनके वारिस उसी मकान में रहकर नियमित रूप से बिजली का उपयोग कर रहे हैं और समय पर बिल भी जमा कर रहे हैं। 

इसके बावजूद नामांतरण के लिए उनसे भूमि के दस्तावेज, नामांतरण, रजिस्ट्री जैसी शर्ते मांगी जा रही है, जबकि अनेक पुराने कनेक्शन शपथ-पत्र के आधार पर ही स्वीकृत हुए थे।

इस समस्या का सीधा असर सरकार की सौर ऊर्जा (Solar Rooftop) योजना पर भी पड़ रहा है। क्योंकि विद्युत कनेक्शन अपने नाम न होने के कारण नागरिक चाहकर भी अपने घर पर सोलर प्लांट नहीं लगवा पा रहे हैं, जिससे स्वच्छ ऊर्जा, बिजली बचत और पर्यावरण संरक्षण जैसे उद्देश्यों को नुकसान हो रहा है।

इसी जनसमस्या को लेकर नगर परिषद चौमूं के पूर्व पार्षद राजेश कुमार वर्मा के नेतृत्व कांग्रेस कार्यकर्ताओं  ने सोमवार को शहर के मोरीजा रोड स्थित अधिशाषी अभियंता कार्यालय में अधिशाषी अभियंता जीएल गुप्ता से भेंटकर विद्युत कनेक्शनधारी की मृत्यु उपरांत उसके उत्तराधिकारियों के नाम विद्युत कनेक्शन स्थानांतरण की प्रक्रिया को सरल, सुगम एवं व्यावहारिक बनाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में वर्मा ने मांग की कि विद्युत उपभोक्ता की मृत्यु के बाद सभी वैध वारिसों की सहमति एवं शपथ-पत्र के आधार पर, निश्चित शुल्क में, सरल व समयबद्ध नामांतरण प्रक्रिया लागू की जाए। 

वर्मा ने बताया कि "नया कनेक्शन लेना जितना आसान है, उससे कहीं अधिक कठिन अपने ही घर के पुराने कनेक्शन का नामांतरण होना न्यायसंगत नहीं है। 

उन्होंने मांग कि है यदि प्रक्रिया सरल की जाती है तो हजारों पुराने कनेक्शन वैध रूप से उपभोक्ताओं के नाम होंगे, सौर ऊर्जा योजना को गति मिलेगी और आमजन का विद्युत विभाग के प्रति विश्वास मजबूत होगा।

इस अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद नारायण सैनी, नगर कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष भानु प्रसाद सैनी एवं बाबूजी छीतरमल  बेरवाल भी उपस्थित थे।

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