चौमूं । नया बाजार स्थित अग्रवाल धर्मशाला में चल रही नव दिवसीय श्रीराम कथा रस माधुरी में कथा व्यास पं महेश शर्मा हवेलीवाला ने आज षष्ठम दिवस को भरत का चित्रकूट प्रस्थान एवं अयोध्या वापसी, अत्री मिलन, जयंत की कुटिलता, सुतीक्षण प्रसंग, सूर्पनखा प्रसंग एवं सीता हरण के कथा प्रसंग राम भक्ति से ओतप्रोत श्रोताओं के सम्मुख प्रस्तुत किये।
पं महेश शर्मा ने इन समस्त प्रसंगों का सविस्तार वर्णन करते हुए कहा कि इस चराचर जगत में भरत का भ्रातृ प्रेम और त्याग अनुपम और अतुलनीय है जिसकी मिसाल अभी तक उपलब्ध नहीं है। आपने कहा कि अत्यंत आसक्ति विनाश का कारक होती है जैसे सीता जी को कंचन मृग का मोह रावण द्वारा हरण के रूप में भोगना पड़ा।
सीता विलाप, राम विरह और शबरी के निस्वार्थ प्रेम को कथा व्यास की संगीतमयी प्रस्तुति को सुरेश मानावत के निर्देशन में संगत दे रही टोली अत्यंत सरस और श्रवणीय बना देती है।
आज की कथा में विचार परिवार के विभिन्न संगठनों भारतीय किसान संघ, सेवा भारती, स्वदेशी जागरण मंच, शिक्षक संघ राष्ट्रीय, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं का आयोजक सर्राफ परिवार की ओर से भाव-भीना स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
कल सप्तम दिवस को राम-हनुमान मिलन, सुग्रीव मित्रता, बाली वध, रामेश्वर स्थापना, लंका पर आक्रमण तथा लक्ष्मण शक्ति का वर्णन किया जाएगा।