चौमूं। विराज फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव के चतुर्थ दिवस पर राजविलास गार्डन में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम में आचार्य सुमंत्र कृष्ण शास्त्री ने वामन अवतार एवं भगवान श्रीकृष्ण जन्म की दिव्य कथाओं का अत्यंत भावपूर्ण एवं सरल शैली में वर्णन किया। आचार्य ने अपने प्रवचन में बताया कि वामन अवतार में भगवान विष्णु ने वामन ब्राह्मण का रूप धारण कर असुर राजा बलि के अभिमान का हरण किया और धर्म की स्थापना की।
इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने दान, विनम्रता और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। वहीं श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाते ही पूरा पांडाल “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। आचार्य श्री ने बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब भगवान अवतार लेकर धर्म की रक्षा करते हैं और भक्तों का कल्याण करते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालु कथा श्रवण कर भावविभोर हो उठे और पूरे वातावरण में भक्ति का रस व्याप्त हो गया। विराज फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस महोत्सव में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर इस पावन कथा का श्रवण करने का आह्वान किया है।