अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान( विद्यालय शिक्षा) की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक जयपुर में सम्पन्न, शिक्षक राष्ट्रहित, शिक्षाहित और विद्यार्थी हित में प्रयत्नों की पराकाष्ठा करें : महेंद्र कपूर





 
जयपुर। आज अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान विद्यालय शिक्षा की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक सरस्वती बालिका उच्च माध्यमिक विद्या मंदिर जवाहर नगर जयपुर में संपन्न हुई ।

प्रथम सत्र में मां सरस्वती एवं मां भारती के चित्रों पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के पश्चात सभी कार्यकर्ताओं का परिचय हुआ। सत्र में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर , क्षेत्र प्रमुख उमराव लाल वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष राजस्थान रमेश चंद्र पुष्करणा प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा का सानिध्य प्राप्त हुआ।

 प्रथम सत्र में प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने संगठन के स्वरूप एवं सदस्यता कार्यक्रम को विस्तार से रखा। उन्होंने बताया कि 1954 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक श्रद्धेय जयदेव जी पाठक द्वारा इस संगठन की स्थापना हुई और शिक्षा के क्षेत्र में यह शिक्षक संघ राष्ट्रीय के नाम से निरंतर कार्य कर रहा है। 


अब राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय 2026 से पूरे भारत में एक ही नाम अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के नाम से कार्य करेगा। उन्होंने बताया कि संगठन की मुख्य रूप से आठ स्तर पर इकाइयां है, हमारी सबसे छोटी इकाई विद्यालय है, राजस्थान के 70000 में से 48000 विद्यालयों में सदस्यता कर पिछले सत्र में 2,70,175 सदस्य बनाएं जो अब तक का उच्चतम है । इस बार यह संख्या 3,25,000 के पार जाएगी।  

दूसरी इकाई  10192 संकुल हैं । प्रत्येक संकुल में तीन कार्यकर्ता कुल 30,576 कार्यकर्ता  है। तीसरी इकाई  खंड  जिसमें 402 खंडों  में कुल 12060 कार्यकर्ता, जिला स्तर पर 45 जिलों में 1395 कार्यकर्ता, विभाग स्तर पर 22 विभाग संगठन मंत्री ,संभाग स्तर पर 50 और प्रदेश स्तर पर 185 कार्यकर्ताओं की टीम है। राष्ट्रीय स्तर पर वर्तमान में संगठन के 13 लाख 60 हजार सदस्य हैं। 17 स्थान पर राजस्थान में संगठन के कार्यालय हैं। उन्होंने यूट्यूब पर सब्सक्राइबर बढ़ाने एवं ट्विटर पर अधिक सक्रियता की बात कही। 

उन्होंने बताया कि हमारा सदस्यता अभियान इस बार 15 अप्रैल से 25 अप्रैल कुल 10 दिन का होगा। खंड स्तर पर इसके लिए 31 मार्च, 3 अप्रैल, 5 अप्रैल को प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे एवं सदस्यता डायरी का वितरण होगा। 23 से 28 मार्च तक प्रधानाचार्य संवाद कार्यक्रम, 14 अप्रैल को समरसता दिवस, 26 अप्रैल को प्रकोष्ठों की कार्यशाला की जानकारी दी । उन्होंने संगठन के चार अनिवार्य अखिल भारतीय कार्यक्रमों वर्ष प्रतिपदा, गुरु वंदन, कर्तव्य बोध, जन जागरण की जानकारी दी।

द्वितीय सत्र में प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा, प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा प्रदेश महिला उपाध्यक्ष सुषमा बिश्नोई का सानिध्य प्राप्त हुआ।

 प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने संगठन के विभिन्न स्तरों से प्राप्त समस्याओं के बारे में प्रदेश स्तर पर संगठन द्वारा किये गये प्रयासों को विस्तार पूर्वक रखा। जिनमें प्रमुखतः निदेशालय स्तर से आगामी सत्र 2026-27 के लिए  शिक्षकों के ग्रीष्मावकाश की अवधि को वर्तमान 45 दिन से घटाकर 36 दिन करने के शासन स्तर पर विचाराधीन प्रस्ताव का अनुमोदन नहीं करने,माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा अध्यापक पात्रता परीक्षा के संबंध में पुनर्विचार याचिका दायर कर राहत दिलाने,प्रदेश में कार्यरत संविदा शिक्षकों के शीघ्र स्थायीकरण करने,स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल और महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम राजकीय विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने,स्टाफिंग पैटर्न शीघ्र करते हुए प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में सवा लाख से अधिक पदों को स्वीकृत करने और सेवारत शिक्षकों के इंटर्नशिप अवधि के वेतन वसूली नहीं करने के वित्त विभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन कर हजारों शिक्षकों को राहत दिलाने की मांग की। सभी संवर्गो की पदोन्नतियां शीघ्र करते हुए तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पदोन्नति के लिए माननीय उच्चतम न्यायालय में सरकार की और शीघ्र निस्तारण के लिए एएजी लगाकर वर्षों से लंबित पदोन्नतियां पूरी करने,सभी संवर्गो के स्थानांतरण ग्रीष्मावकाश में ही करने, टी एस पी से नॉन टी एस पी में नियुक्त शिक्षकों को गृह जिले में लगाने, समसा के सभी पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने, मुख्यमंत्री जनसहभागिता योजना पर रोक हटाने और विद्यालयों को मिलने वाली समस्त ग्रांट राशि समय पर जारी करने के लिए मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री , शिक्षा सचिव, वित्त सचिव से मिलकर शीघ्र निस्तारण करवाने का आश्वासन दिया।

तृतीय सत्र में राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर, क्षेत्र प्रमुख उमराव लाल वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा  प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा का सानिध्य प्राप्त हुआ। 

सत्र में क्षेत्र प्रमुख उमराव लाल वर्मा ने चारित्रिक शुचिता के साथ आर्थिक शुचिता के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने खंड,जिले, प्रदेश सभी स्तरों पर अध्यक्ष, मंत्री, कोषाध्यक्ष से  अनुमोदन पश्चात सभी आय व्यय, वाउचर फाइल,केश बुक सभी को पूर्ण कर ऑडिट किया जाना अत्यंत आवश्यक है। किसी भी प्रकार से एकत्रित की गई राशि किसी व्यक्ति के पास न रखकर खाते में शीघ्र जमा करवानी चाहिए। किसी भी कार्यक्रम के पश्चात आय व्यय का सम्पूर्ण सामूहिक रूप से रखना चाहिए ताकि पूर्ण शुचिता बनी रहे।

सत्र में राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर ने बताया कि हमे हमारे संगठन के ध्येय वाक्य राष्ट्र हित में शिक्षा, शिक्षा हित में शिक्षक, शिक्षक हित में समाज की त्रिवेणी के अनुरूप अपने संगठन की यात्रा को आगे लेकर जाना है। 

कार्यकर्ता ईमानदारी से निरंतर अपने दायित्वों और कार्यों का मूल्यांकन करते रहे और शिक्षा,राष्ट्र,विद्यार्थी हित में अपने प्रयत्नों की पराकाष्ठा करनी चाहिए। कार्यकर्ता की गति के साथ उसकी मति भी अच्छी होनी चाहिए। उन्होंने खंड स्तर पर प्रशिक्षण के बारे में स्थान,विषय,वक्ता,का चयन, व्यवस्थाओं का विभाजन, अपेक्षित कार्यकर्ताओं की सूची बनाना,सूचनाएं भेजना,आदि के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।

कार्यक्रम के चतुर्थ सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की क्षेत्रीय कार्यकारिणी सदस्य हनुमान सिंह राठौड़ ने संगठन की कार्य पद्धति एवं कार्यकर्ता प्रवास पर विस्तार से अपने विचार रखे।

सम्पूर्ण प्रदेश कार्यकारिणी बैठक के विभिन्न सत्रों का संचालन प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने किया। अंत में कल्याण मंत्र ,सहभोज के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

          

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