चौमूं। किसानों ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को ज्ञापन देकर पूर्वी नहर परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करवाने की माँग की। भारतीय किसान संघ से जुडे हुए किसानों की मुख्य मांग यह थी कि गत वर्षों से चली आ रही पूर्वी नहर से जयपुर जिले की सभी तहसीलो को जोडने की स्थिति स्पष्ट करें और यमुना नदी से अभी राजस्थान को 1 .119 बीसीएम पानी मिलता है। उस पानी की मात्रा बढाई जाए।
गौरतलब है कि जयपुर जिले की विराटनगर, कोटपूतली, शाहपुरा ,चौमू, बस्सी तहसील का नाम अभी तक किसी भी योजना में शामिल नहीं है। सरकार के पास अभी तक स्पष्ट रोडमेप नहीं है की जयपुर जिले में पानी कहां से आएगा, कब तक आएगा ।
इन मांगों को लेकर किसानों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। प्रचार प्रमुख ओमप्रकाश लाम्बा ने बताया कि ज्ञापन में भारतीय किसान संघ ने जयपुर जिले में पानी के अभाव से बोरिंग फेल हो गए हैं।
कुएं सुख गए ,तालाब, बावडिया में वर्षो से पानी नहीं आया है। किसान संघ लगातार सरकारों से ज्ञापन के माध्यम से मांग कर रहा है कि जयपुर जिले को पानी कब मिलेगा।
डा. साँवरमल सोलेट ने कहा है कि किसानों को भूमि में पानी खत्म हो गया है। इसके अभाव में जमीन बंजर हो रही है। किसान अब दो जून की रोटी के लिए शहर में मजदूरी करने के लिए पलायन हो रहा है। चारे की क़ीमतें आसमान छू रही है। किसानों के सामने परिवार पालने का संकट आ गया है।
जिला अध्यक्ष शैतान सेरावत, रामपुरा तहसील अध्यक्ष हरफुल निठारवाल, संभाग बीज प्रमुख लोकेश पारीक, आमेर तहसील उपाध्यक्ष कन्हया लाल शर्मा, मंत्री उकार कुमावत, चौमू तहसील अध्यक्ष हनुमान सिंह नाथावत मंत्री, अजय भारती, सहित सैकड़ों की संख्या में किसान उपस्थित रहे।
