आस्था, तकनीक और सेवा का महाकुंभ: खाटूधाम में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, राजस्थान पुलिस ने बनाया सुरक्षा का अभय कवच


जयपुर। राजस्थान के सीकर जिले में स्थित विश्वविख्यात तीर्थ खाटूश्यामजी में इस वर्ष का फाल्गुनी लक्खी मेला आस्था, अनुशासन और आधुनिक प्रबंधन के एक अद्भुत संगम के रूप में उभर रहा है। 21 से 28 फरवरी तक चलने वाले इस मेले में लगभग 35 लाख श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान है। 

महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में राजस्थान पुलिस, जिला प्रशासन और श्री श्याम मंदिर कमेटी ने आपसी समन्वय से सुरक्षा और सुविधा का ऐसा अभूतपूर्व खाका तैयार किया है, जिससे हर भक्त सुरक्षित और सुगम दर्शन कर सके। इस वर्ष की रणनीतियों में तकनीकी नवाचार और श्रद्धालुओं के प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है।
तैयारियों का अंतिम निरीक्षण

​मुख्य मेले और फाल्गुन एकादशी की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए बुधवार को सीकर एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने पुलिस अधीक्षक सीआईडी अपराध शाखा ज्येष्ठा मैत्रेयी के साथ मेला क्षेत्र का सघन दौरा किया। उच्चाधिकारियों के इस दल ने मेला बाजार, मुख्य मंदिर परिसर और विभिन्न पार्किंग स्थलों का जायजा लेकर सुरक्षा चक्र और भीड़ प्रबंधन की रणनीतियों की सूक्ष्मता से समीक्षा की। 

इस निरीक्षण के दौरान पुलिस मुख्यालय के अतिरिक्त निदेशक (प्रचार) डॉ. कमलेश शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. तेजपाल सिंह, पुलिस उपाधीक्षक आनंद राव व नियति शर्मा सहित सोशल मीडिया एक्सपर्ट्स आनन्द जोशी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने धरातल पर तैनात जाब्ते को निर्देश दिए कि मुख्य मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी आवक को देखते हुए सतर्कता और सेवा भाव का समन्वय बनाए रखें, ताकि व्यवस्थाएं पूरी तरह त्रुटिहीन रहें।

कन्हैया मित्तल की अपील: अवगुण छोड़ें, गंदगी न फैलाएं 
प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल ने एक भावपूर्ण वीडियो संदेश जारी कर श्याम भक्तों को मेले की मर्यादा का पाठ पढ़ाया है। उन्होंने अपनी रील के माध्यम से कहा कि सभी श्याम प्रेमियों से मेरा निवेदन है कि बाबा के मेले में आते समय अपने भीतर के किसी एक अवगुण को छोड़ने का संकल्प लेकर आएं। मेले में किसी भी प्रकार की गंदगी व फूहड़ता न फैलाएं और मर्यादित आचरण रखें। 

रींगस से खाटू की पदयात्रा के दौरान स्वच्छता का पूरा ध्यान रखें और रास्ते को गंदा न करें। अक्सर भक्त उत्साह में आकर इत्र की शीशियां, गुलाब और मालाएं ऊपर की ओर फेंकते हैं, जिससे पीछे जिससे व्यवस्था बिगड़ती है।  मैं राजस्थान सरकार, प्रशासन और विशेष रूप से एसपी प्रवीण नायक नूनावत का आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने इतनी सुंदर व्यवस्थाएं की हैं। पुलिस का सहयोग करें और अनुशासित रहें।

हाईटेक सुरक्षा घेरा: 22 सेक्टर और 5 हजार से अधिक जवानों की तैनाती

मेले की विशालता को देखते हुए एडीजी कानून व्यवस्था वी.के. सिंह ने सुरक्षा के बहुस्तरीय प्रबंध किए हैं। पूरे मेला क्षेत्र को 22 मुख्य सेक्टर और 350 सब-सेक्टर में विभाजित कर 5 हजार से अधिक पुलिस अधिकारियों व जवानों को तैनात किया गया है। 

चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों व ड्रोन से पैनी नजर रखी जा रही है और केंद्रीकृत कंट्रोल रूम से प्रभारी पुलिस अधिकारी नियति शर्मा के निर्देशन में रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। साथ ही, श्रद्धालुओं को पल-पल की जानकारी देने के लिए मंदिर परिसर और प्रवेश द्वारों पर 44 डिजिटल एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं, जो दर्शन की प्रतीक्षा अवधि, आरती के समय और मौसम के अपडेट प्रदर्शित कर रही हैं।

कलर-कोडेड पार्किंग और सुगम यातायात प्रबंधन 

सीकर एसपी प्रवीण नायक नूनावत के नेतृत्व में इस बार यातायात व्यवस्था को बेहद सरल बनाया गया है। प्रतिदिन आने वाले 25 हजार से अधिक वाहनों के लिए चार बड़े नि:शुल्क पार्किंग स्थल विकसित किए गए हैं, जिन्हें बावन बीघा (पीला), सांवलपुरा (हरा), लामिया रोड़ (नीला) और दातारामगढ़ (गुलाबी) जैसे रंगों से कोड किया गया है। 

श्रद्धालुओं को दूर से ही अपनी पार्किंग की दिशा का पता चल सके, इसके लिए उन पर संबंधित रंगों के बड़े बैलून (गुब्बारे) लगाए गए हैं। पार्किंग से दर्शन स्थल तक श्रद्धालुओं को लाने के लिए 25 रुपये के निर्धारित शुल्क पर 2000 ई-रिक्शा संचालित किए जा रहे हैं, जो अनावश्यक जाम को रोकने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।

पदयात्रियों के लिए समर्पित कॉरिडोर और सहायता बूथ 

श्रद्धालुओं की परंपरा का सम्मान करते हुए रींगस से खाटू तक 17 किलोमीटर लंबा विशेष पैदल कॉरिडोर तैयार किया गया है, जो पूरी तरह वाहन मुक्त है। यहाँ पेयजल, प्रकाश और विश्राम की पर्याप्त सुविधाएं दी गई हैं। 

इसके साथ ही, मेला परिसर में 12 पुलिस सहायता बूथ स्थापित किए गए हैं जो वायरलेस और लैंडलाइन सुविधाओं से लैस हैं। यहाँ नियुक्त कार्मिक गुमशुदा व्यक्तियों, खोए हुए सामान और किसी भी आपातकालीन स्थिति में श्रद्धालुओं की त्वरित मदद कर रहे हैं। पुलिस ने सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 112 और मोबाइल नंबर 9667600788 भी जारी किया है।

चार दिन में लाखों श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
 
मेले के शुरुआती चार दिनों में ही आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। आंकड़ों के अनुसार, पहले तीन दिनों में कुल 4,10,316 श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम के दर्शन किए हैं। 75 फुट चौड़े मार्ग पर स्थापित अत्याधुनिक गणना कैमरों के माध्यम से भीड़ का सटीक आकलन किया जा रहा है। 14 कतारों वाली सुव्यवस्थित दर्शन प्रणाली के कारण लंबी लाइनों के बावजूद श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के मंदिर तक पहुँच रहे हैं। आगामी 27 फरवरी (फाल्गुन एकादशी) को मेले का मुख्य आकर्षण होगा, जब बाबा की भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी।

दिव्यांगों के लिए विशेष सारथी
 
राजस्थान पुलिस ने इस मेले में सुरक्षा के साथ-साथ संवेदनशीलता का भी परिचय दिया है। दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। पार्किंग स्थल से दर्शन केंद्र तक उन्हें विशेष वाहनों से लाया जा रहा है और वहाँ से पुलिसकर्मी स्वयं व्हीलचेयर के माध्यम से उन्हें सम्मानपूर्वक दर्शन करवा रहे हैं। एसपी नूनावत के अनुसार खाटूधाम आने वाला हर श्रद्धालु पुलिस के लिए परिवार के सदस्य की तरह है और मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए बल को विशेष निर्देश दिए गए हैं।

 नवाचार: सेल्फी प्रतियोगिता और नशामुक्ति अभियान

पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाने के लिए इस बार श्री खाटूश्यामजी मेला सेल्फी प्रतियोगिता का अनूठा आयोजन किया गया है। श्रद्धालु पुलिस की मदद या अच्छी व्यवस्था के साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर साझा कर सकते हैं। चुनी गई 100 श्रेष्ठ सेल्फी को राजस्थान पुलिस द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। 

इसके अतिरिक्त डीजीपी के निर्देशानुसार मेले के होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई जा रही है और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि भक्ति के साथ-साथ एक सुरक्षित समाज का संदेश भी प्रसारित हो सके।
                   

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने