बेटियों की रथ पर निकाली बिंदोरी, डीजे की धुनों पर खूब नाचे परिजन

 




चौमूं। सरकार की बेटा - बेटी एक समान की मुहीम का असर आम जन में देखने को मिलने लगा है जहा पहले बेटा- बेटी में भेदभाव किया जाता रहा है आज भेदभाव अधिकतर परिवारों में ख़त्म हो गया है। लोग अब अपनी बेटी को भी उतनी ही अहमियत देते है जितनी बेटे को। बेटा - बेटी एक सामान का  उदाहरण चौमूं के ग्वारियो के मोहल्ले में देखने को मिला। 

जंहा दो बेटियों की शादी से पूर्व एक शानदार रथ में बेटियों की बिंदोरी बड़े धूम धाम से निकाली गई। बिंदोरी में परिजन डीजे की तेज धुनों पर खूब नाचते हुए चल रहे थे । यही नहीं साफा बांधे दुल्हन भी अपनी बिंदोरी को खूब एन्जॉय करती नजर आई। 

 रथ में बैठी दुल्हन भी अपने को डांस करने से नहीं रोक पाई। बिंदोरी शहर के मुख्य मार्गो से होकर निकाली गई। जानकारी के अनुसार ग्वारियो का मोहल्ला निवासी ईश्वर लाल ग्वारिया की पुत्री नीतू व रतन लाल ग्वारिया की पुत्री मनीषा की शादी 22 अप्रैल को है जिनमे से नीतू की बारात रामपुरा, दौसा से आएगी तो वही मनीषा की निरायणपुर अलवर से आएगी। 

दोनों ही दुल्हनें 12 वी कक्षा तक पढ़ी हुई है। दुल्हनों के परिजनों का कहना है की आज के समय में लड़किया लड़को से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है। लड़कियों को भी वही अहमियत मिलनी चाहिए जो लड़को को मिलती है। आज हमने अपनी बेटियों की बिंदोरी निकाल आमजन को लड़के व लड़की में भेद नहीं करने का सन्देश दिया है। 

वीडियो के माध्यम से देखें पूरी खबर... 



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