निस्वार्थ सेवा का प्रतिफल अवश्य मिलता है -सांवर मल कुमावत, राजकीय सेवा में चयनित पूर्व छात्र का अभिनंदन

रेनवाल | बाघावास कस्बे के राजकीय प्रवेशिका संस्कृत विद्यालय में अभिनंद समारोह आयोजित हुआ
 ' कौन कहता है ज़िंदगी में खुशहाली नहीं होती,
मौसम में बहार और फ़िजाओं में हरियाली नहीं होती,
जो करते हैं जरूरतमदों की निस्वार्थ  भाव से सेवा,
उनकी किस्मत कभी खाली नहीं होती'
    ऐसा ही हुआ है हाल ही में भारतीय रेल सेवा में 'एसिस्टेंट प्वाइंट मैन ' पद पर  चयनीतु संस्कृत विद्यालय के पूर्व छात्र सांवर मल  कुमावत के साथ जिन्होंने राजकीय  प्रवेशिका संस्कृत विद्यालय में निस्वार्थ भाव से वर्ष पर्यन्त नि:शुल्क शिक्षण  कार्य करवाया गौरतलब है कि वर्ष 2022 में यह विद्यालय कर्मोन्नत हुआ कक्षा नवी का प्रारंभ हुआ और गणित जैसे कठिन विषय के रिक्त पद के चलते विद्यार्थियो की समस्या को मद्देनजर रखते हुए निस्वार्थ और नि:शुल्क शिक्षण करवाने का संकल्प लिया और गणित विषय का शिक्षण करवाया कार्यवाहक संस्था प्रधानसांवर मल कुमावत ने बताया कि कड़ी मेहनत से किए गए कार्य  और निष्काम की गई  सेवा कभी व्यर्थ नहीं जाती है इस अवसर पर गौरी शंकर कुमावत, बनवारी बुनकर, डॉ. लक्ष्मी नारायण सामरिया, एस एम सी अध्यक्ष संतोष  यादव, शिवप्रकाश वर्मा,राजेंद्र कोस्या, शीश राम कुमावत, अर्जुन लाल कुमावत, सुनील वर्मा,दीपिका स्वामी उपस्थित रहे |(विष्णु जाखोटिया की रिपोर्ट)

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