चौमूं । ग्राम भोपावास में मीना समाज के एक परिवार ने मृत्यु भोज नहीं करने का निर्णय लिया है ।
रामकिशोर(प्रबन्धक),रामधन(ग्रुप ऑफ गोविंदम वाइन्स),विनोद कुमार (रेल्वे स्टेशन मास्टर ),रतिराम(इंडियन रेल्वे) मानुतवाल ने अपनी माताजी जड़ाव देवी पत्नी गणपत राम के निधन पर एक बड़ा संदेश समाज को दिया है। उन्होंने मृत्यु भोज, गरुड़ पुराण वाचन, कड़ी खिचड़ी, अन्य रुपये का लेनदेन, शीशी पूजन पर अन्य रिश्तेदारों से कपड़े मंगवाना सब बंद करने का साहसिक निर्णय लिया है जो इस सामाजिक कुरीति को खत्म करने की मुहिम में कारगर पहल है।
य़ह सिर्फ रूढ़ीवादी लोगों द्वारा मौखिक रूप से दुष्प्रचारित कर स्थापित की गयी कुप्रथा है पुत्र रामधन मीणा ने बताया की इस बाबत
सामाजिक जागरूकता आनी बहुत जरूरी है।
इस कार्य के लिए रघुवीर प्रसाद, नन्छुराम,लक्ष्मण सिंह, सीताराम, भगवान सहाय,,महेन्द्र कुमार, राकेश कुमार,हरफूल, रमेश कुमार, सुनील कुमार, करण सिंह,शेष मीना , बाबूलाल मीना सहित सभी परिजन व रिश्तेदारों ने भी सहमति प्रदान की है।