बाल-विवाह रोकने के लिए संयुक्त अभियान चलाएं- जिला कलक्टर

 




बारां। जिला कलक्टर नरेन्द्र गुप्ता की अध्यक्षता में बाल संरक्षण इकाई एंव बाल अधिकारिता विभाग की जिला स्तरीय कार्यशाला मिनी सचिवालय सभागार में आयोजित हुई। 

जिला कलक्टर ने कहा कि बाल विवाह समाज के लिए एक अभिशाप है, जिसकी वजह से मासूम बच्चों की जिंदगी तबाह हो जाती है। बाल विवाह जैसे अभिशाप के विरूद्ध हम सभी को मिलकर लड़ने की आवश्यकता है। 

उन्होंने कहा कि बाल-विवाह को रोकने के लिए अधिक से अधिक जागरूकता अभियान चलाए जाएं व इससे होने वाले दुष्परिणाम के बारे में विद्यालयों, छात्रावास, ग्राम पंचायत व ग्रामीण क्षेत्रों में जनसम्पर्क कर संयुक्त अभियान चलाए जाएं। 

अक्षय तृतीया व पीपली पूर्णिमा के अवसर पर बाल विवाह की घटनाएं ज्यादा देखने को मिलती हैं, ऐसे में 22 अप्रेल 2023 को जिले में कही पर भी बाल विवाह हो रहा हो तो तुरन्त 181 कॉल सेन्टर, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन या पुलिस नियंत्रण कक्ष में 100 नम्बर पर कॉल कर इसकी सुचना दी जा सकती है, जिससे हो रहे बाल विवाह को रोका जा सके।

पीपीटी के माध्यम से बाल विवाह पर जानकारी देते हुए बाल अधिकारिता व सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक रामनिवास यादव ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, किशोर न्याय अधिनियम 2015, लैगिंग अपराधों से बालकांे का सरक्षंण अधिनियम 2012 की सहायता से बाल विवाह रोकने के पूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। 

इस कानून के अनुसार 18 साल से कम उम्र की लड़की और 21 साल से कम उम्र का लड़का नाबालिग होता है जिनका विवाह गैरकानूनी माना जाता है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह करना या करवाना संज्ञेय और गैर जमानती अपराध है। 

इस अवसर पर संरक्षण अधिकारी लोकेश सेन, चाइल्डलाइन 1098 समन्वयक श्वेता जैन व कांउसलर टीना शर्मा, आउटरीच वर्कर विनिता सेन एवं विभिन्न विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।

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