चौमूं। नगर के पत्रकार जगत में आज उस समय शोक की लहर छा गई जब एक पत्रकार के निधन की खबर सुनने को मिली। इस खबर पर किसी पत्रकार ने विश्वास नहीं किया। सब ने एक दूसरे से फ़ोन पर खबर की पुष्टि की। लेकिन फिर भी यकीन करना मुश्किल था। एक ऐसे व्यक्तित्व के बारे में जो रोज पत्रकारों के साथ रहे।
पत्रकार सुशील अग्रवाल का अल्पायु में निधन पत्रकार जगत को ही नहीं बल्कि नगरवासियो को भी आहत कर गया। दुनिया को अलविदा कहने से पहले सुशील पत्रकारों को एक ऐसा सन्देश दे गए जो पत्रकारों के जहन में आजीवन गूंजेगा।सोशल मीडिया पर डाला सुविचार "जब तक डरोगे तब तक लोग आपको डराएंगे, हिम्मत करोगे तो बड़े-बड़े भी सर झुकाएंगे " हमेशा हिम्मत के तौर पर पत्रकार साथियो को याद रहेगा।
पत्रकार सुशील अग्रवाल का आज दिल का दौरा पड़ने से अल्पायु में ही निधन हो गया। उन्होंने हमेशा जनता की आवाज बनकर काम किया। उनका हंसमुख स्वभाव ही उनके व्यक्तित्व की पहचान थी।
जानकारी के अनुसार पत्रकार सुशील अग्रवाल का जन्म 8 मई 1989 को हुआ था। सिर्फ 32 वर्ष 9 महीने और 29 दिन की अल्पायु में ही आज इस दुनिया को अलविदा कह गए |
पत्रकार सुशील अग्रवाल के निधन की खबर सुनकर पत्रकार संगठनों, राजनीतिक, साहित्यिक और व्यापारी वर्ग में शोक की लहर है | सभी ने दिवंगत आत्मा के प्रति शोक संवेदना प्रकट की है | ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को श्री चरणों में जगह दे और परिवार को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे |