दूदू में हम नही होगे शामिल! रेनवाल संघर्ष समिति की 12 अगस्त को कबूतर निवास पर बनेगी आगामी रणनीति




रेनवाल। राजस्थान में नये जिलो के प्रस्ताव में दूदू को नया जिला बनाने की खबरो से रेनवाल तहसील की धडकने की तेज हो गई है। पिछले कई दिनो से व्हाट्सप आदि पर खबरो के मध्यनजर मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान में दूदू  को नया जिला बनाने की योजना आ रही है। 

इस संभावित नये जिले दूदू में दूदू, फुलेरा, चाकसू सहित कई विधानसभा क्षेत्रों को शामिल करने की योजना एक संभावना के रुप में सामने आ रही है। इस संभावना को देखते हुये रेनवाल तहसील की धडकने तेज हो गई है। 

सामाजिक युवा कार्यकर्ता सुरेश पूनिया एवं कमलेश बांगडवा के अनुसार बनने वाले संभावित दूदू  जिले में रेनवाल को शामिल करने का हम सब विरोध करते है। इसके लिए एक मुहिम चलाते हुये रेनवाल तहसील के सभी जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनो के माध्यम से विरोध प्रकट करने के लिए 12 अगस्त को कबूतर निवास के पास सुबह 11 बजे एक सभा का आयोजन किया जा रहा है। 

आगामी रणनीति के तहत सभी के सहयोग से मुख्यमंत्री तक आवाज पहुचाई जायेगी। 

गौरतलब है की जयपुर और दूदू में तुलनात्मक अध्ययन करने पर रेनवाल तहसील के लिए जयपुर ही जिले के रुप में सर्वोत्तम विकल्प है। सर्वप्रथम रेनवाल नगरपालिका एवं आस-पास के गांवो के लिए जयपुर नजदीक होने के साथ-साथ आवागमन के साधन भी हमेशा उपलब्ध रहते है। जयपुर में अन्य विभाग होने से प्रशासनिक कार्य सुगमता से हो जाते है। 

जयपुर जाने वाला व्यक्ति अपने व्यापारिक, सामाजिक एवं पारिवारिक कार्य भी साथ में करता है। इससे समय व धन की भी बचत होती है। इसके साथ ही लोकसभा क्षेत्र भी जयपुर ग्रामीण  के हिसाब से सभी कार्यो के लिए जयपुर जाना रहता है। अगर फिर भी दूदू  जिले में रेनवाल को शामिल किया जाता है तो यह किसी भी प्रकार से रेनवाल के हित में नही होगा। (विष्णु जाखोटिया की रिपोर्ट)

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