चौमूं । स्थानीय राजकीय कन्या महाविद्यालय में राजस्थान पुलिस विभाग के सहयोग से राज्य महिला नीति समिति, रेंजर यूनिट एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में बालिका आत्मरक्षा जागरूकता अभियान में ‘‘निर्भिक रहो निडर बनो’’ का संदेश देते हुए आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया गया।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. कविता गौतम ने कहा कि आत्मरक्षा बालिकाओं के लिए अत्यन्त आवश्यक है। इसके द्वारा ही असामाजिक व आपराधिक घटनाओं को रोका जा सकता है। इस जागरूकता अभियान के नोडल अधिकारी एडिशनल डीएसी गुरूशरण राव है।
चौमूँ थानाधिकारी हेमराज मूंड, मास्टर ट्रेनर सन्तोष कुमार, सुश्री ललिता चौधरी ने महिला वर्ग के साथ हो रही विभिन्न आपराधिक घटनाओं की जानकारी देते हुए बालिकाओं को उनसे अपनी रक्षा करने के गुर सिखायें।
इसके अतिरिक्त इन्हौंने सोशल मीडिया के माध्यम से हो रही अनैतिक गतिविधियों से सावधान रहने एवं उनसे बचने के उपायों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। छात्राओं की ओर से पूछे गये प्रश्नों का जवाब देते हुए ‘‘चुप्पी तोडो, सयानी बनो’’ का संदेश दिया।
कार्यक्रम में रेंजर प्रभारी डॉ. शाहीना परवीन, डॉ. अंजू मित्तल, डॉ. रीना शक्तावत, श्रीमती राजेश्वरी देवी राठौड, डॉ. पारूल वर्मा, शिव सैनी आदि उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय की राज्य महिला नीति सह-समन्वयक डॉ. माधुरी गोस्वामी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
