रेनवाल। कस्बे के प्रमुख भामाशाह, समाजसेवी एवं धर्मप्रेमी तथा सूरत के प्रमुख उद्योगपतिओ में शामिल रहे रेनवाल प्रवासी स्व नारायणदास मारु की प्रेरणा से भारतीय संस्कृति के प्रति लोगो का जुडाव बढ रहा है। वेद एवं आध्यात्मिक शिक्षा को बढावा देने के उद्देश्य से रेनवाल निवासी स्व.नारायणदास मारु द्वारा कई वर्षो पूर्व सूरत शहर में गुरुकुल आध्यात्मिक शिक्षा केन्द्र की स्थापना की गई थी।
अयोध्या राम मंदिर के कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरी महाराज की असीम कृपा एवं रेनवाल बडे मंदिर के पूर्व महंत हरिवल्लभदास महाराज के आशीर्वाद से वर्ष 2008 में सूरत शहर में गुरुकुल की स्थापना की गई। स्वामी सत्यमित्रानंदगिरी वेद विद्यालय के रुप में गुरुकुल आध्यात्मिक शिक्षा केन्द्र अपनी शिक्षा के माध्यम से छोटे-छोटे बच्चो को आध्यात्मिक एवं धार्मिक शिक्षा प्रदान कर रही है।
इस गुरुकुल वेद विद्यालय के माध्यम से समाज में नई प्रेरणा के साथ एक नई शक्ति का भी संचार हो रहा है। छोटे-छोटे बच्चे भी अपने जन्मदिन के पावन मौके पर होटल आदि जगह जाने के बजाय गुरुकुल वेद विद्यालय में अपना जन्मदिन मना कर स्व.नारायणदास मारु की प्रेरणा को आगे बढा रहे है। स्व.नारायणदास मारु के परिजन अब इस गुरुकुल व्यवस्था को संभाल रहे है। बडे पुत्र गोविंदनारायण मारु के साथ छोटे पुत्र ओमप्रकाश एवं कौशल किशोर मारु सहित पूरा परिवार स्व.नारायणदास मारु के द्वारा शुरु की गई गुरुकुल व्यवस्था को अच्छी तरह से संभाल रहे है।
आचार्य देवेश कुमार तिवाड़ी के सानिध्य में कई विद्यार्थी वेद शिक्षा का अध्ययन कर रहे है। आध्यात्मिक शिक्षा एवं भारतीय संस्कृति के अनुसार मनाने की परम्परा में आज हर्षिता माटोलिया सुपुत्री अर्चना राजेश माटोलिया एवं दिव्या माटोलिया सुपुत्री अनु आश्विनी माटोलिया ने अपना जन्मदिन गुरुकुल वेद विद्यालय में मनाया। आचार्य देवेश कुमार तिवाड़ी के सानिध्य में गुरुकुल के शिष्यो ने वेदमंत्रो के साथ विधि-विधान से पुजा कराते हुये जन्मदिन की शुभकामनाऐ एवं आशीर्वाद प्रदान किया।
इस अवसर आचार्य देवेश कुमार तिवाड़ी एवं गुरुकुल के संस्थापक परिवार के सदस्य गोविंदनारायण तथा ओमप्रकाश मारु ने सभी से गुरुकुल माध्यम से भारतीय संस्कृति से जुडने की बात कही। इस अवसर पर परिजन अर्चना राजेश माटोलिया सहित पधारे हुये सभी लोगो ने इस आध्यात्मिक व्यवस्था प्रणाली की जमकर तारिफ की एवं सभी से जुडने की अपील भी की।
इसी के साथ सीए की पढाई करने वाले दस प्रतिभावान बच्चो को पिछले कई वर्षो से साधारण शुल्क पर हाॅस्टल भी उपलब्ध कराया जा रहा है। स्व.नारायणदास मारु की प्रेरणा से उनको पाठ्य सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है। इस प्रकार सूरत शहर में भी स्व.नारायणदास मारु के परिजन अपने पैतृक गांव रेनवाल का मान बढा रहे है।
(विष्णु जाखोटिया की रिपोर्ट )
