-- सीनियर स्कूल में जल मंदिर और महिला सुविधा घर का हुआ उद्घाटन
-- पूर्व छात्र भामाशाह विंग कमांडर गोविंदराम शारदा द्वारा है निर्मित
रेनवाल। प्रत्येक समर्थ व्यक्ति को अपनी जन्मभूमि और समाज के हित में यथासंभव योगदान करना चाहिए। प्रत्येक सरकारी स्कूल के पूर्व छात्रों को अपने पुराने स्कूल के प्रति जिम्मेदारी और अपनेपन का भाव रखते हुए उसकी उन्नति के प्रयास करना चाहिए।
ये बात मंगलवार को राजकीय मारवाड़ी रिलीफ सोसायटी उच्च माध्यमिक विद्यालय में नवनिर्मित जल मंदिर और महिला सुविधाघर के उद्घाटन समारोह के दौरान पूर्व छात्र भामाशाह एवं विंग कमांडर गोविंदराम शारदा ने कही।
शारदा ने कहा कि वे अपनी पुरानी स्कूल के प्रति लगाव रखते हैं, इसलिए ये छोटा सा योगदान दे रहे हैं। सेवानिवृत्त हो चुके प्रधानाचार्य घनश्याम कुमावत ने कहा कि जयपुर प्रवासी शारदा परिवार का ये योगदान सराहनीय है। धन कई लोगों के पास होता है, लेकिन हर व्यक्ति ऐसे सामाजिक कार्यों में खर्च नहीं कर पाता है। इससे पहले मां सरस्वती के चित्र के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर प्रार्थना की गई। इसके बाद फीता काटकर जल मंदिर और महिला सुविधा घर का उद्घाटन किया गया। गौरतलब है कि करीब साढ़े चार लाख रुपए से अधिक की राशि से ये निर्माण कार्य किया गया है। इस दौरान स्व. श्री जगन्नाथ शारदा और उमा देवी के सुपुत्र जी.आर.शारदा एवं उनके परिवार का माल्यार्पण कर राजस्थानी परंपरा अनुसार साफा बंधवाकर सम्मान किया गया।
इस मौके पर समाजसेवी नटवर लाल तोतला,व्यापार महासंघ अध्यक्ष अशोक असावा, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य घनश्याम कुमावत सहित सभी अध्यापकगण मौजूद रहे।(विष्णु जाखोटिया की रिपोर्ट)